संघर्ष वाहिनी ने भेऊचोबाटा के ग्रामीणों और कांग्रेस नेता बसंत कुमार के आंदोलन को दिया समर्थन, प्रशासन को दी उग्र चेतावनी
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| संघर्ष वाहिनी बागेश्वर की टीम |
बागेश्वर में जिला प्रशासन के खिलाफ चल रहे ग्रामीणों और वाहन चालकों के आंदोलन को अब ‘संघर्ष वाहिनी’ का भी मजबूत समर्थन मिल गया है। रविवार, 25 अक्टूबर को प्रातः 11.30 बजे संघर्ष वाहिनी बागेश्वर की टीम सीधे धरना स्थल पर पहुँची और कांग्रेस नेता बसंत कुमार तथा भेऊचोबाटा के ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय बागेश्वर के समक्ष चलाए जा रहे धरने को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर संघर्ष वाहिनी के जिलाध्यक्ष कवि जोशी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन वाहन चालकों, श्रमिकों और कार्यालय कर्मचारियों के समक्ष आ रही गंभीर समस्याओं और उनके कार्यों में उत्पन्न बाधाओं के समाधान से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि इन प्रशासनिक और प्रबंधकीय समस्याओं के कारण लोगों की आजीविका पर संकट आ रहा है, साथ ही भारी राजस्व हानि की आशंका भी बनी हुई है। पिछले दो सालों से बागेश्वर जनपद का विकास और व्यापार दोनों मोर्चों पर बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन सुस्त रवैया अपनाए हुए है।
"हमारा उद्देश्य टकराव नहीं, न्याय पाना है"
जिलाध्यक्ष कवि जोशी ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी से टकराव पैदा करना नहीं है, बल्कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना और समस्याओं का न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करवाना है। उन्होंने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ग्रामीणों को न्याय नहीं मिला, तो संघर्ष वाहिनी ग्रामीणों के समर्थन में अनिश्चितकालीन उग्र जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी।
धरना स्थल पर समर्थन देने पहुँचे प्रतिनिधिमंडल में संघर्ष वाहिनी के अंकुर उपाध्याय (जिला प्रवक्ता), नवनीत बिष्ट (जिला महामंत्री संगठन), महेश कालाकोटी (जिला संरक्षक), राहुल कुमार (सह सचिव), संजय उपाध्याय, विशाल रावत, रिजवान खान, नागेन्द्र मनवाल, मनीष चौबे, दिव्यांशु वाणी, मनीष थापा, मोनिश खान, प्रेम पाठक, आशीष अंडोला, पंकज लोहनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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