विकास खंड कपकोट में सीएलएफ पदाधिकारियों और स्टाफ के लिए 'सुशासन एवं नैतिकता' प्रशिक्षण का द्वितीय दिवस संपन्न
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| प्रशिक्षण देते हुए |
कपकोट: विकास खंड कपकोट में सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) पदाधिकारियों और सीएलएफ स्टाफ के लिए आयोजित तीन दिवसीय 'सुशासन एवं नैतिकता' प्रशिक्षण का द्वितीय दिवस शनिवार को उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। दूसरे दिन के सत्र की शुरुआत प्रथम दिवस में बताए गए विभिन्न बिंदुओं के पुनरावलोकन के साथ की गई, जिससे प्रतिभागियों को सीखे गए विषयों को दोहराने और समझने का अवसर मिला। प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में जिला परियोजना कार्यालय से संस्था समावेश के सहायक प्रबंधक, ब्लॉक कार्यालय से आजीविका समन्वयक तथा आजीविका संघों के पदाधिकारी व सीएलएफ स्टाफ उपस्थित रहे। इस दौरान कुल 40 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
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| प्रतिभागी |
द्वितीय दिवस के मुख्य बिंदु और चर्चाएं:
सीएलएफ के सुचारू संचालन और रिकॉर्ड-कीपिंग के लिए जरूरी महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर विस्तृत चर्चा की गई। वित्तीय पारदर्शिता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए सीएलएफ ऑडिट की प्रक्रिया को बारीकी से समझाया गया। संस्था की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए समय-समय पर आयोजित होने वाली बैठकों की रूपरेखा और उनके महत्व पर विचार-विमर्श हुआ। सहकारिता के निदेशक मंडल के चुनाव की पूरी प्रक्रिया और इसके नियमों की जानकारी दी गई। शेयर धारकों को लाभांश (डिविडेंड) वितरण के नियमों और पारदर्शिता पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए चार्ट पेपर पर विभिन्न एक्साइज (अभ्यास कार्य) भी करवाए गए, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।विभिन्न सत्रों के सफल संचालन के बाद द्वितीय दिवस के कार्यक्रमों का समापन किया गया। इस प्रकार का प्रशिक्षण ग्रामीण स्तर पर आजीविका संघों और सीएलएफ की कार्यकुशलता और सुशासन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


