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प्रकृति संरक्षण के संकल्प संग 'भगत सिंह सदन' बना ओवरऑल चैंपियन, माँ उमा बाल शिक्षा स्वास्थ्य मंदिर कपकोट में पर्यावरण दिवस की धूम

प्रकृति संरक्षण के संकल्प संग 'भगत सिंह सदन' बना ओवरऑल चैंपियन, माँ उमा बाल शिक्षा स्वास्थ्य मंदिर में पर्यावरण दिवस की धूम

पौंधे लगाते हुए


कपकोट। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर स्थानीय 'माँ उमा बाल शिक्षा स्वास्थ्य मंदिर' के प्रांगण में 'प्रकृति-संरक्षण एवं छात्र प्रतिभा संवर्धन' को समर्पित एक वृहद और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जहाँ एक ओर नौनिहालों ने धरा को हरीतिमा से आच्छादित करने का संकल्प लेकर व्यापक पौधरोपण किया, वहीं दूसरी ओर विद्यालय के अंतःसदनीय मुकाबलों में छात्र-छात्राओं ने अपनी अद्वितीय खेल भावना और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।


मुख्य अतिथि और गणमान्य जनों ने किया शुभारंभ

स्कूल की छात्र


​कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्र पंचायत सदस्य श्री देवेन्द्र कुमार, विशिष्ट अतिथि पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य व पूर्व वन पंचायत सरपंच श्रीमती चंद्रकला, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता श्री यशपाल सिंह टाकुली तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष व विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री गणेश गड़िया द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। पर्यावरण चेतना का संदेश देते हुए अतिथियों और छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर में फलदार व छायादार पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

​प्रतिभाओं की त्रिवेणी: 'भगत सिंह सदन' ने मारी बाजी

​विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से विद्यालय के तीन सदनों— शिवराम हरि राजगुरु हाउस, सरदार भगत सिंह हाउस और रानी लक्ष्मीबाई हाउस के मध्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, चित्रकला और सुलेख जैसी विभिन्न बौद्धिक व रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने पर्यावरण संकट पर गंभीर विचार रखे, तो वहीं चित्रकला के माध्यम से कैनवास पर सुंदर प्रकृति को उकेरा। दिनभर चले कड़े और बेहद रोमांचक मुकाबलों के संचयी अंकों के आधार पर ओवरऑल परिणाम इस प्रकार रहे:

सदन (House) परिणाम प्रथम सरदार भगत सिंह हाउस ओवरऑल चैंपियन, द्वितीय शिवराम हरि राजगुरु हाउस उपविजेता और तृतीय रानी लक्ष्मीबाई हाउस तृतीय स्थान प्राप्त किया।

सभी विधाओं में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों द्वारा मेडल एवं योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।

​भावी पीढ़ी को प्रकृति और संस्कृति से जोड़ना हमारा लक्ष्य: प्रधानाध्यापक

​मुख्य अतिथि श्री देवेन्द्र कुमार ने छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा, "पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी उत्कृष्ट प्रतिभाएं तैयार करना विद्यालय प्रबंधन का सराहनीय प्रयास है।" विशिष्ट अतिथि श्रीमती चंद्रकला और श्री यशपाल सिंह टाकुली ने भी बच्चों के अनुशासन और कलात्मक कौशल की मुक्तकंठ से सराहना की।

​अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाध्यापक श्री गणेश गड़िया ने सभी आगंतुक अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए कहा:

​"हमारा उद्देश्य किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को अपनी प्रकृति, संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ना है। आज बच्चों ने जो ऊर्जा दिखाई है, वही कल देश का आधार बनेगी।"

​इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-कर्मचारियों, स्थानीय गणमान्य नागरिकों और भारी संख्या में मौजूद अभिभावकों का विशेष और सराहनीय सहयोग रहा।


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