जिला पंचायत की प्रथम बोर्ड बैठक संपन्न, विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर रहा जोर
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| जिला पंचायत अध्यक्ष बागेश्वर शोभा आर्या |
बागेश्वर। जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या की अध्यक्षता में आज विकास भवन सभागार में जिला पंचायत की प्रथम बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वर्ष 2025-26 की स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ आगामी विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई।
जनसमस्याओं के प्राथमिकता से समाधान के निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या ने उपस्थित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई जनसमस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है।
इन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा:
क्षतिग्रस्त ढांचा: ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत, नाली निर्माण, डामरीकरण, कल्वर्ट और सुरक्षा दीवारों के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।पेयजल (जल जीवन मिशन): सदस्यों ने 'हर घर जल' मिशन की समीक्षा करते हुए क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को तत्काल सुधारने और नए कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
विद्युत व्यवस्था: जर्जर बिजली के पोलों को बदलने, झूलती लाइनों के सुधार और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
शिक्षा और निजी स्कूल: बैठक में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों और छात्रों पर कॉपी-पुस्तकों की अनावश्यक खरीद का दबाव बनाने का गंभीर मुद्दा उठा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विद्यालयों का निरीक्षण जारी है और मानकों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्ट्रीट लाइट योजना: वर्ष 2026-27 के अंतर्गत सभी पंचायत क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्ट्रीट लाइट लगाने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
बैठक में विधायक बागेश्वर पार्वती दास, दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे और मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, विभिन्न क्षेत्रों के जिला पंचायत सदस्य और समस्त विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से सदन के पटल पर रखा, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।

