24 वर्षीय युवती की संदिग्ध हालात में मौत, 40 कॉल के बाद घर पहुंचा दोस्त तो उड़े होश
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| मृतक की फोटो |
उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी तहसील क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है जहां काठगोदाम थाना क्षेत्र के चांदमारी इलाके में एक 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध हालात में मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक युवती ने अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्मघाती कदम उठाया। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में शोक और अविश्वास का माहौल बना हुआ है। संघर्षों से लड़ रहे एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एमबीजी कॉलेज में ग्रेजुएशन फाइनल ईयर की छात्रा दिव्या आर्या ने कथित तौर पर आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब यह पता चला कि दिव्या ने आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले अपने एक करीबी दोस्त को व्हाट्सएप पर अपने मोबाइल का पिन कोड भेजा था। यह संदेश किसी अनहोनी की आहट जैसा था। पिन कोड मिलते ही दोस्त को अनहोनी की आशंका हुई।उसने दिव्या को करीब 40 बार फोन किया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला, तो वह घबराकर सीधे उसके घर पहुंच गया। घर पहुँचते ही युवती बेसुध मिली। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका दिव्या अपने परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही काफी चुनौतीपूर्ण थी, एक साल पहले ही बीमारी के चलते पिता का निधन हो गया था।पिता की मृत्यु के बाद मां दूसरों के घरों में काम करके अपनी चार बेटियों को पढ़ा-लिखा रही थी। दिव्या की मौत ने न केवल एक जान ली है, बल्कि उस उम्मीद को भी तोड़ दिया है जिसके सहारे यह परिवार भविष्य देख रहा था। मोबाइल और फॉरेंसिक साक्ष्य पर टिकी उम्मीद, सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्न कदम उठाए गए हैं:
मोबाइल ज़ब्त: पुलिस ने दिव्या का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है, जिसमें मौजूद चैट और कॉल रिकॉर्ड्स अहम सबूत साबित हो सकते हैं।
फॉरेंसिक जांच: फॉरेंसिक टीम को सबूत जुटाने के लिए बुलाया गया है।
जांच का दायरा: पुलिस प्रेम प्रसंग, मानसिक तनाव और पारिवारिक परिस्थितियों समेत हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है।
प्रशासन का कथन: "पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मोबाइल डेटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आत्महत्या के कारणों का पता लगा लिया जाएगा।"

