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चार साल–बेमिसाल’ कार्यक्रम में जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक, लाभार्थियों को वितरित किए गए चेक व उपकरण

चार साल–बेमिसाल’ कार्यक्रम में जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक, लाभार्थियों को वितरित किए गए चेक व उपकरण

बागेश्वर


प्रदेश सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत मंगलवार को विकासखंड गरुड़ में ‘चार साल–बेमिसाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के ध्येय वाक्य के साथ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां जनकल्याण को समर्पित हैं और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने बीते चार वर्षों में बुनियादी ढांचे से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक हुए व्यापक विकास कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।


कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख किशन सिंह बोरा ने कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली धरातल पर सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि विकासखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और जनसुविधाओं का विस्तार इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इस अवसर पर ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए क्लस्टर लेवल फेडरेशन ‘जय मां भगवती आजीविका स्वायत्त सहकारिता’ को चेक प्रदान किया गया। जो धनराशि अल्ट्रा पुअर गतिविधियों, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक उद्यमों, शेयर धन मैचिंग ग्रांट तथा सीड रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगी।

चार साल बेमिसाल 



सहायक निदेशक, डेरी विकास विभाग बागेश्वर एवं समस्त फील्ड स्टाफ5 गरुड क्षेत्र के द्वारा प्रतिभाग किया गया. कार्यक्रम में गरुड क्षेत्र की 20 दुग्ध समितियों के 80 दुग्ध उत्पादकों के द्वारा प्रतिभाग किया गया. कार्यक्रम में 14 दुग्ध उत्पादकों को जिला पंचायत अध्यक्ष एवं ब्लाक प्रमुख के माध्यम से स्वच्छ दुग्ध उत्पादन किट वितरण कराया गया। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए ।


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