उत्तराखंड की राजनीति से आज एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए 5 नए मंत्रियों को टीम में शामिल किया जाना है। यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने के लिए एक बड़ा 'मास्टर स्ट्रोक' माना जा रहा है।
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| CM Dhami and MLA Suresh Gariya |
लंबे समय से खाली चल रहे कैबिनेट के पदों को भरने के लिए आज राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर हुए इस विस्तार से सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की कोशिश की गई है।मंत्रिमंडल में रिक्त चल रहे सभी 5 पदों को भरा जा रहा है। इस विस्तार में कुमाऊं और गढ़वाल, दोनों क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। हरिद्वार, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और देहरादून जैसे जिलों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।
मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ आज राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। लोक भवन में सुबह 10 बजे यह भव्य कार्यक्रम संपन्न होना है।
इन विधायकों के नामों की है चर्चा
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है या चर्चा में हैं, उनमें शामिल हैं:
खजान दास (राजपुर, देहरादून), भरत सिंह चौधरी (रुद्रप्रयाग), सुरेश गड़िया (कपकोट, बागेश्वर), मदन कौशिक (हरिद्वार), दीवान सिंह बिष्ट (कालाढूंगी, नैनीताल) कैबिनेट विस्तार के मायने यह विस्तार केवल खाली पदों को भरना नहीं है, बल्कि 2027 के चुनाव की तैयारी है। इसके जरिए मुख्यमंत्री धामी ने युवा जोश और अनुभवी चेहरों के बीच एक संतुलन बनाने का प्रयास किया है।" इसके साथ ही, लगभग 20 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को विभिन्न निगमों और परिषदों में 'दायित्वधारी' (राज्य मंत्री स्तर) नियुक्त करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। सरकार इस विस्तार के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश में है। खासतौर पर महिलाओं और युवाओं को प्रतिनिधित्व देने पर भी फोकस रखा गया है, जिससे आगामी चुनावों के लिए मजबूत संदेश दिया जा सके।

