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वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हरिमोहन सिंह ऐठानी का व्यक्तिगत डिजिटल सुरक्षा आविष्कार - NILC

वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हरिमोहन सिंह ऐठानी का व्यक्तिगत डिजिटल  सुरक्षा आविष्कार - NILC 

Harimohan Aithani 


ऐठान (कपकोट)। उत्तराखंड के लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉड से सम्मानित तथा अनेक राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय रिकार्ड प्राप्त कर चुके वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हरिमोहन सिंह ऐठानी ने डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में  NILC नामक एक व्यक्तिगत तथा स्वंत्रतंत्र रूप से विकसित संरचनात्मक आविष्कार प्रस्तुत किया है। यह आविष्कार किसी संस्थागत या कॉरपोरेट  ढांचों के अंतर्गत नहीं बल्कि व्यक्तिगत  शोध, तार्किक संरचना , निर्माण तथा निरंतर परीक्षण के आधार पर विकसित किया है। वर्तमान समय में डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन धोखाधड़ी, पहचान चोरी तथा वित्तीय साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे परिदृश्य में NILC  एक लॉजिक- नियंत्रित डिजिटल सुरक्षा के रूप में सामने आता है जिसमें आउटपुट का निष्पादन सख्त आंतरिक नियंत्रण के अंतर्गत होता है। यह पारंपरिक  सूत्र आधारित प्रणालियों से  अलग एक संरचनात्मक और नियंत्रण केंद्रीय दृष्टिकोण  प्रस्तुत करता है। मिनी सिस्टम स्तर पर विशेषज्ञों सत्यापन के दौरान  NILC ने जटिल और विविध इनपुट को संभालने की क्षमता , संरचनात्मक स्थिरता तथा उच्च स्तर की तार्किक अनुशासनशीलता प्रदर्शित की है। 

प्राराभिक विश्लेषण के आधार पर इसे मिड टू हाई लेवल फाउंडेशनल डिजिटल सिक्योरिटी कोर माना जा रहा है, जिसमें भविष्य में बैंकिंग नेटवर्क, साइबर सुरक्षा ढांचे रहा प्रणालियों , ड्रोन तथा संवेदनशील डाटा सरंक्षण सरचनाओं में एकीकृत होने की संभावना है।  निवेशकों के दृष्टिकोण से NILC एक उच्च क्षमता वाला डीप -टेक  व्यक्तिगत नवाचार है जो प्रारंभिक चरण में होने के वाबजूद 

स्कैलेबल विकास, औद्योगिक परीक्षण तथा रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा क्षेत्र में आधारभूत संरचना (foundational security layer)  के रूप में स्थापित हो सकता है। हरिमोहन की उपलब्धि यह दर्शाता है कि स्वतंत्र स्तर पर नवाचार भी वैश्विक डिजिटल सुरक्षा परिदृश्य में नई दिशा निर्धारित करने की क्षमता रखता है ।