डाकपाल को तीन साल की जेल, 18 फर्जी पासबुक बनाकर 59 खाताधारकों से 36 लाख की ठगी
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| न्याय भवन |
बागेश्वर। सिमगढ़ी शाखा डाकघर में खाताधारकों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी और गबन के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट बागेश्वर की अदालत ने तत्कालीन डाकपाल सुरेंद्र सिंह पंचपाल को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही विभिन्न धाराओं में कुल 16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले का खुलासा वर्ष 2024 में तब हुआ था, जब कमेड़ीदेवी क्षेत्र के कई खाताधारकों ने अपनी जमा राशि गायब होने की शिकायत डाक विभाग से की। विभागीय जांच में सामने आया कि आरोपी ने 18 फर्जी पासबुक तैयार कर 59 खाताधारकों के खातों से करीब 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। बाद की जांच में गबन की कुल राशि बढ़कर लगभग 36 लाख रुपये हो गई।
डाक विभाग की शिकायत पर कांडा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और कूटरचना सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान खाताधारकों, डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए तथा दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों के बयान और 47 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की समकक्ष धाराओं (पूर्व आईपीसी की धारा 409, 467 एवं 471) के तहत क्रमशः तीन वर्ष, दो वर्ष और एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 16 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी सहायक लोक अभियोजक गौरव अग्रवाल और रश्मि कुलकोडिया ने की।

