सुरक्षित और समृद्ध कपकोट के लिए प्रशासन मुस्तैद; मानसून की तैयारियों और विकास कार्यों को लेकर हुई हाई-लेवल बैठक
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| विधायक सुरेश गढ़िया समेत अन्य अधिकारी |
'जनहित सर्वोपरि — सुरक्षित कपकोट, समृद्ध कपकोट' के मूल मंत्र के साथ तहसील सभागार में एक महत्वपूर्ण जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारियों और क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए जनसुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
मुख्य बिंदु
आपदा प्रबंधन: मानसून के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी और त्वरित राहत-बचाव व्यवस्था के निर्देश।विभागों में समन्वय: आपदा के समय त्वरित कार्रवाई के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश।
विकास कार्य: क्षेत्र में चल रही योजनाओं को तय समय के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने की सख्त हिदायत।
प्रमुख उपस्थिति: एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और केएमवीएन (KMVN) के डायरेक्टर समेत सभी आला अधिकारी रहे मौजूद।
आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा पर विशेष फोकस
आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए बैठक में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सबसे ऊपर रखा गया। तहसील सभागार में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र के सभी संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव सामग्री, मशीनरी और जनशक्ति को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए।
विकास कार्यों की गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
बैठक में कपकोट क्षेत्र के भीतर संचालित हो रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि विकास कार्यों की रफ्तार धीमी नहीं होनी चाहिए। सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि जनता को समय पर उनका लाभ मिल सके।
बैठक में यह अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट दिखा। बैठक में मुख्य रूप से अपर जिलाधिकारी (ADM) श्री नबियाल जी, एसडीएम कपकोट श्री अनिल चन्याल जी, तहसीलदार नितीशा जी, और कुमाऊँ मंडल विकास निगम (KMVN) के डायरेक्टर श्री दयाल ऐठानी जी सहित सभी संबंधित विभागों के जिला व तहसील स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

