पहाड़ की विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जंगल से बरामद, पूरे क्षेत्र में भय का माहौल
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| मृतका का फाइल फोटो |
टिहरी जनपद के सकलाना क्षेत्र अंतर्गत धनच्यूला की पहाड़ियों में एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान रजनी नेगी (पत्नी धर्मेंद्र कठैत) के रूप में हुई है, जो ग्राम घेना (कठु की चेल) की निवासी थी। मृतका का मायका मरोड़ा गांव बताया जा रहा है। घटना के बाद से ही मृतका के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और उन्होंने मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं।
पति-पत्नी के बीच विवाद और गुमशुदगी की रिपोर्ट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका रजनी और उसके पति धर्मेंद्र कठैत के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि रजनी मानसिक प्रताड़ना झेल रही थी। उसने पहले ही अपने भाई को यह संकेत दे दिया था कि वह अब वापस ससुराल नहीं जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों ने पूर्व में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास भी किया था, लेकिन विवाद नहीं सुलझा।
गत 23 मई को पति धर्मेंद्र ने चौकी कुमाल्डा में रजनी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पति का कहना था कि रजनी सुबह करीब 5 बजे घर से अचानक कहीं निकल गई थी। उसने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली। जिसके बाद दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस में रिपोर्ट दी गई।
पहाड़ियों में मिला शव, गले पर निशान
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने खोजबीन के लिए सर्च अभियान चलाया। अगले दिन सुबह धनच्यूला की दुर्गम पहाड़ियों में रजनी का शव संदिग्ध अवस्था में बरामद हुआ। शव को देखते ही मायके पक्ष के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि मृतका के गले पर गहरे निशान दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह मामला सीधा आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का प्रतीत हो रहा है। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर खोजबीन में सहयोग न करने का भी आरोप लगाया है।

