Bageshwar: बागेश्वर जिले के कई जंगलों में लगी आग, गाँव और शहरों की ओर आने लगे जंगली जानवर
जैसे ही मार्च महिना शुरू हुआ ही है तो जंगलों में आग लगनी शुरू हो गयी है. आपको बता दें कि जंगलों में लग रही आग से जंगली जानवरों पर हमला होने का डर पैदा हो रहा है. जिस डर से जानवर गाँव की ओर आने शुरू हो गए हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जंगलों में आग लगने की घटनाओं के कारण वातावरण में धुआं फैल गया है। इसका सबसे अधिक असर अस्थमा के रोगियों पर पड़ रहा है, वहीं वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे हैं। धुएं तथा आग के कारण जंगली जानवर सुरक्षित स्थानों, गांवों व शहरों की ओर आने लगे हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
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| आग बुझाते |
होली के दौरान जहां लोग त्योहार के जश्न में मस्त रहे, वहीं दूसरी ओर जंगलों में आग की घटनाएं लगातार सामने आती रहीं। वन विभाग के अनुसार अधिकांश स्थानों पर आग सिविल भूमि में लग रही है। लोग कूड़ा-करकट तथा झाड़ियों को जलाते हैं, जिससे आग फैलकर जंगलों तक पहुंच जाती है। चामी के पूर्व प्रधान महीप पांडे ने बताया कि पटवारी क्षेत्र अमसरकोट के शिखरकोट के जंगल में दो दिन तक आग लगी रही। शिकायत के बाद वन विभाग सक्रिय हुआ तथा आग पर काबू पाया गया। इसके अलावा कपकोट तथा धरमघर क्षेत्र के कई जंगलों में भी आग लगने की सूचनाएं मिली हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में धुआं फैल गया है। स्थानीय निवासी दिनेश कुमार, देवेंद्र सिंह, सुंदर सिंह, पदम सिंह, जमन सिंह, अशोक आदि ने कहा कि जंगलों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों को भी वन विभाग का सहयोग करना चाहिए। साथ ही आग लगाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। आग से जंगलों को बचाने मे ग्रामीणों ने विशेष रूप से सहयोग करना चाहिए तक आस पास के जंगल, पेड़-पौंधों, जंगली जानवर आदि को नुक्सान नहीं पहुँच सके ।

