कुमाऊनी होली "सौ शीशी भर दे गुलाल" गीत हुआ रिलीज, Kumaoni Holi Lyrics
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| गीत पोस्टर |
होली का त्योहार रंग, गुलाल और खुशियों के साथ मनाया जाता है फाल्गुन महीने की शुरुआत से उत्तराखंड के कुमाऊँ में होली गायन शुरू हो जाती है। आपको बता दें कि कुमाऊँ में खास तौर पर खड़ी होली, बैठक होली और महिला होली प्रसिद्ध है। इस दौरान होली गायन करने होलियारों की टोली घर घर जाकर होली गीत और ढ़ोल नगाड़ों के साथ रंगों का त्यौहार मनाते हैं। यहां होली केवल रंगों का नहीं बल्कि संस्कृति, अनुशासन और सामाजिक एकता का पर्व बन चुका है। इसी प्रकार से बीते कई वर्षों से कुमाऊनी होली को गीत संगीत के माध्यम से लोगों तक पंहुचा रहे हैं। अब कुमाऊनी होली देश विदेशों में रह रहे प्रवासी भी गीतों को सुन रहे हैं। कुमाऊँ की सुप्रसिद्ध कलाकार टीम घुघुती जागर द्वारा कई कुमाऊनी होली गीत प्रस्तुत किये गए हैं। जो काफी चर्चित रहे।
टीम घुघुती जागर के संस्थापक, कवि एवं लोक गायक राजेन्द्र ढैला की आवाज में "सौ शीशी भर दे गुलाल" होली गीत हाल ही में रिलीज हुआ है जो काफी पसंद किया जा रहा है। इस गीत को टीम घुघुती जागर स्टूडियो हल्द्वानी से रिकॉर्ड किया गया है। इसमें गिरीश शर्मा द्वारा संगीत दिया गया है। इस होली गीत के बोल कुछ इस प्रकार से हैं-
सौ शीशी भर दे गुलाल
Sau shishi bhar de gulal
सौ शीशी भर दे गुलाल मेरो पिया होली को खेवैया
होली को खेवैया होली को खेवैया
वाह रे वाह रे गुलाल मेरो पिया होली को खेवैया
भर पिचकारी माथे पे मारी
बिंदिया हो गई लाल मेरो पिया होली को खेवैया
भर पिचकारी कानन मारी
कुंडल हो गये लाल मेरो पिया होली को खेवैया
भर पिचकारी सन्मुख मारी
अंगिया हो गई लाल मेरो पिया होली को खेवैया
भर पिचकारी पैरों में मारी
झांवर हो गये लाल मेरो पिया होली को खेवैया

