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युवा गायक हरीश डसीला चार साल बाद करेंगे धमाकेदार गीत के साथ वापसी, आप भी जानें इनके बारे में Singer Harish Dasila Biography

पिथौरागढ़ जनपद के बेरीनाग तहसील निवासी हरीश डसीला अब करीब 4 साल बाद संगीत जगत में वापसी कर रहे हैं

बागेश्वर। यदि किसी ने मंजिल हासिल करनी हो तो रास्ते पर आये सभी मुश्किलें भी आसान होती हैं। यह मंजिल पाने की कोशिश की है उत्तराखंड के युवा गायक हरीश डसीला ने। जो की बीते कई वर्षों से अपनी गायकी से देवभूमी की संस्कृति को बचाने में अहम भूमिका निभाते आये हैं। राज्य के पिथौरागढ़ जनपद के बेरीनाग तहसील निवासी हरीश डसीला अब करीब 4 साल बाद संगीत जगत में वापसी कर रहे हैं। काफी कठिन परिश्रम के बाद इस युवा गायक की उत्तराखंण्ड की संस्कृति के प्रति काफी लगाव है। हमारी टीम की हरीश डसीला से संपर्क करने पर उन्होंने बताया संगीत जगत में कार्य करते हुए करीब दस साल हो चुके हैं। जिसके चलते हरीश डसीला ने काफी गीत लिखकर रिलीज किये तथा लोगों का खूब सारा प्यार भी बटोरा। समय के चलते कोरोना महामारी के दौरान उनकी नौकरी छूट गई। जिस कारण से वह अपने गाँव पोस्ताला लौट आये। लॉकडाउन लगने के बाद करीब 4 साल हरीश डसीला गाँव में ही रहे।

गायक हरीश डसीला

गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरीश फिर से शहर की ओर रोजगार की तलाश में मुड़ आया। वर्तमान में हरीश डसीला दिल्ली एक होटल में कार्यरत हैं। ड्यूटी के बाद समय मिलने पर उन्होंने कई गीत लिखे हैं। डसीला ने यह भी बताया कि उनकी 4-5 साल के बाद अब एक नई धमाकेदार गीत "नई नई ब्या" के साथ फिर से उत्तराखंड संगीत जगत में वापसी की है। "नई नई ब्या" गीत में हरीश ने पहाड़ की पीड़ा व रोजगार को लेकर बताया है। गीत में गायिका जानकी कोरंगा ने हरीश डसीला का साथ दिया है। गीत करीब मई माह तक यूट्यूब पर अपलोड किया जायेगा। इस गीत को लेकर डसीला ने बताया कि यह गीत काफी खूबसूरत शब्दों के साथ लिखा गया है सभी संगीत प्रेमियों को भी काफी पसंद आएगा और फिर से एक के बाद एक गीत उत्तराखंड की संस्कृति के लिए गाऊंगा। वहीं यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार द्वारा आर्थिक मदद की जायेगी तो भविष्य में पारम्परिक धार्मिक व पहाड़ की पीड़ा को अपने गीतों के माध्यम से लोगों तक प्रस्तुत करूंगा।

गीत पोस्टर

आप भी जानें कौन है हरीश डसीला और इनकी जीवनी ? Harish Dasila Biography Education, Home town

पिथौरागढ़ जनपद के बेरीनाग के दूरस्थ गाँव पोस्ताला निवासी हरीश डसीला एक युवा गायक हैं। जिनका जन्म वर्ष 1992 में हुआ। हरीश के पिताजी का नाम भूपाल सिंह तथा माताजी का नाम पुष्पा देवी है। हरीश एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। जिन्होंने प्रारंभिक शिक्षा अपने गाँव तथा हाईस्कूल की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज बेरीनाग से ही की। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर हरीश घर नौकरी की तलाश में वर्ष 2009 में हरियाणा आये। जिसके बाद उन्होंने एक हवेली में काम करना शुरू किया। हरीश डसीला की शादी करीब 2013 में हुई। हरीश को बचपन से ही कुमाऊनी गीतों को सुनने का काफी शौक रहा है। जिसके बाद हरीश की गीत गाने में काफी रुचि बढ़ने लगी।

2013 में हरीश डसीला ने गीत लिखे और कॉलेज की तन्नू शीर्षक अलबम रिद्धि शिद्धि फिल्म से रिलीज की। जिसके निर्माता जितेंद्र मर्तोलिया हैं। इस एलबम में 8 गीत गाये थे। जिसमें से मेहंदी रचोलो गंगा तेरो हाथ में व कॉलेज की तन्नू गीत को दर्शकों ने काफी पसंद किए। जिसके बाद 2016 में हरीश डसीला ने अपना डीएम प्रोडक्शन के नाम से यूट्यूब चैनल बनाया। इसी दौरान शिखर हिमालय यूट्यूब चैनल के निर्माता खड़क सिंह मेहता से मुलाकात हुई। तभी एक गीत रिकॉर्ड किया। गीत के बोल बेरीनाग घुमुलो था। इस गीत को डसीला ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया। जिसके बाद यह गीत को भी काफी लोगों ने पसन्द किया और एक अच्छी पहचान भी हरीश डसीला को मिलने लगी। गीतों में खड़क मेहता द्वारा काफी सहयोग किया गया। जिसके बाद डसीला ने कई गीत यूट्यूबर के माध्यम से दर्शकों के बीच रिलीज करते रहे। यूट्यूब चैनल सम्बंधित सहयोग विनोद गड़िया द्वारा किया गया। डसीला ने एक पारम्परिक झोड़ा चाचरी गाया। इस झोड़ा को भी लाखों लोगों ने यूट्यूब पर देख लिया है। सभी तक हरीश डसीला के करीब 25 से 30 गीत यूट्यूब पर उपलब्ध हैं।

गीत पोस्टर 


कुमाऊँनी युवा गायक हरीश डसीला के सुपरहिट गीत Singer Songwriter Harish Dasila Superhit Kumaoni Song

  • मेहंदी लगा ले गंगा
  • कॉलेज की तन्नू
  • बेरीनाग घुमुलो
  • भात पकाली मेरी सुवा
  • मेरी गल्यंणी ममता
  • न्यौली
  • नि लगन मन गीतू
  • खोल दे माता खोल भवानी
  • छोरी चन्दा
  • मायादार हेमा
  • तनूजा रे
  • जन्मदिन की बधाई

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