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उत्तराखण्ड पुलिस को मिली नई पहचान: मुख्यमंत्री धामी ने किए नवीन गौरव चिह्नों का अनावरण; 6 नवंबर को मिलेगा 'राष्ट्रपति पुलिस कलर'

उत्तराखण्ड पुलिस को मिली नई पहचान: मुख्यमंत्री धामी ने किए नवीन गौरव चिह्नों का अनावरण; 6 नवंबर को मिलेगा 'राष्ट्रपति पुलिस कलर'

गौरव चिह्न के साथ cm धामी


​देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस के इतिहास में एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न (प्रतीक), फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का औपचारिक अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी अधिकारियों और जवानों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
​कार्यक्रम की सबसे खास घोषणा यह रही कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' (President's Colour) से अलंकृत किया जाएगा। इस ऐतिहासिक समारोह में पुलिस के जवान अपनी नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड का हिस्सा बनेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस की पहचान का यह नया स्वरूप केवल प्रतीकों या वर्दी में बदलाव मात्र नहीं है, बल्कि यह बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल आदर्शों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम है। उत्तराखण्ड पुलिस का नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ तय किया गया है, जो कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार उत्तराखण्ड पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस, अधिक प्रशिक्षित और सक्षम बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
​राष्ट्रीय एकता दिवस का प्रसंग: राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर इन चिह्नों का अनावरण सरदार वल्लभभाई पटेल के देश की एकता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के संकल्प को समर्पित है।


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​बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों को ध्यान में रखते हुए नवीन गौरव चिह्नों को तैयार किया गया है, जिसे मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को अनुमोदित किया था। इसमें अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ (Laurel Wreath), हिमालय और नदी को खूबसूरती से समाहित किया गया है, जो राष्ट्रीय गौरव, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। अब तक चले आ रहे तीन रंगों वाले क्षैतिज ध्वज के स्थान पर गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य में नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल एवं स्वर्णिम किनारे इसे अत्यंत आकर्षक बनाते हैं। (बता दें कि इससे पहले उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण 4 अप्रैल 2008 को हुआ था)। अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर लगने वाले क्रेस्ट, इंसिग्निया और फॉरमेशन साइन को नए प्रतीक के अनुरूप ढाला गया है। पारंपरिक खाकी परिधान के साथ अब बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, विशिष्ट अलंकरण और परेड की साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को एक नया और शानदार स्वरूप दिया गया है।
​सरकार और प्रशासन को पूर्ण विश्वास है कि अपनी इस नवीन पहचान के साथ उत्तराखण्ड पुलिस जनसेवा, अनुशासन और सुरक्षा के क्षेत्र में नए और ऊंचे मानक स्थापित करेगी।

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