सिमार मज़कोट के डॉ. भूपेंद्र पुरी ने BITS Pilani से PhD पूरी कर हासिल की उपलब्धि, अब कनाडा की University of Toronto में करेंगे शोध Dr Bhupendra Puri Bageshwar
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| डॉ भूपेंद्र पूरी |
बागेश्वर। जनपद बागेश्वर के अंतिम एवं सुदूर गांव मज़कोट, पोस्ट रतिसेरा, तहसील गरुड़ निवासी डॉ. भूपेंद्र पुरी ने अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के दम पर फार्मेसी एवं फार्माकोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 17 अगस्त 2026 को BITS Pilani, राजस्थान से फार्माकोलॉजी (Pharmacy) में PhD पूरी की है। इसके बाद उनका चयन आगे के शोध कार्य के लिए कनाडा की University of Toronto में हुआ है। डॉ. भूपेंद्र पुरी एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता श्री हरक पुरी जी असम राइफल्स (Assam Rifles) में सेवा देने के बाद वर्ष 2006 में हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए, जबकि उनकी माता जी गृहणी हैं। बागेश्वर जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर डॉ. भूपेंद्र ने अपनी मेहनत और लगन से देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है।
डॉ. भूपेंद्र पुरी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा MDSS Public School, सिमार से पूरी की। इसके बाद उन्होंने कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षा जूनियर स्कूल सिमार से प्राप्त की। आगे उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज ग्वालदम, चमोली से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। मध्यमवर्गीय परिवार और सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से होने के कारण उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र की शुरुआत में उन्हें इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं थी, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने लगातार आगे बढ़ने का प्रयास किया। उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक गौचर, चमोली से डिप्लोमा इन फार्मेसी किया और इसके बाद जिला अस्पताल बागेश्वर में तीन माह की ट्रेनिंग पूरी की। आगे उन्होंने Lateral Entry परीक्षा उत्तीर्ण कर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर में B.Pharm में प्रवेश लिया। B.Pharm की पढ़ाई के दौरान उन्होंने वर्ष 2020 और 2021 में GPAT (Graduate Pharmacy Aptitude Test) क्वालीफाई किया तथा वर्ष 2021 में NIPER-JEE भी उत्तीर्ण किया। इसके बाद उनका चयन NIPER रायबरेली में M.S. (Pharm.) Pharmacology के लिए हुआ।
NIPER रायबरेली में M.S. (Pharm.) Pharmacology के दौरान डॉ. भूपेंद्र पुरी ने Liver से संबंधित Hepatic Encephalopathy पर शोध कार्य किया। इस दौरान उन्होंने Hepatic Encephalopathy से जुड़े वैज्ञानिक एवं औषधीय पहलुओं पर अध्ययन किया। NIPER में अध्ययन के दौरान उन्हें भारत सरकार के Ministry of Chemicals and Fertilizers से फेलोशिप प्राप्त हुई। इसके बाद उनका चयन BITS Pilani, राजस्थान में PhD के लिए हुआ। BITS Pilani में PhD के दौरान उन्होंने ICMR (Indian Council of Medical Research) के प्रोजेक्ट पर कार्य किया और शोध फेलोशिप प्राप्त की। उनकी PhD का शोध मुख्य रूप से Kidney से संबंधित रहा। PhD के दौरान उन्होंने विशेष रूप से Acute Kidney Injury (AKI) से Chronic Kidney Disease (CKD) की ओर बढ़ने वाली प्रक्रिया से संबंधित शोध कार्य किया। शोध के दौरान उन्होंने विभिन्न वैज्ञानिक अनुसंधान कार्य किए तथा Research Papers, Review Articles और Book Chapters प्रकाशित किए।
अब 17 अगस्त 2026 को BITS Pilani से PhD पूरी करने के बाद डॉ. भूपेंद्र पुरी का चयन आगे के शोध कार्य के लिए कनाडा की University of Toronto में हुआ है। एक सुदूर गांव के सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करना और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध के लिए चयनित होना उनके परिवार, गांव, बागेश्वर और पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। डॉ. भूपेंद्र पुरी ने अपनी सफलता के पीछे अपने माता-पिता, भाई-बहनों, धर्मपत्नी, समस्त परिवारजनों एवं गुरुजनों के सहयोग और आशीर्वाद को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस पूरी यात्रा में उनके गुरुजनों का मार्गदर्शन, प्रेरणा और समय-समय पर मिला सहयोग उनके लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि एक सुदूर गांव से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचने में परिवार के संस्कार, माता-पिता का आशीर्वाद और गुरुजनों का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहे हैं। उन्होंने अपने सभी गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन ने उन्हें शिक्षा और शोध के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. भूपेंद्र पुरी का कहना है कि आगे भी उनका प्रयास शोध के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने और अपने गांव, बागेश्वर तथा उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का रहेगा।

