कपकोट के पोथिंग गाँव में प्रधानमंत्री आवास योजना पर उठ रहे सवाल: कच्चे घर वालों का लिस्ट में नाम नहीं होने पर ग्रामीण निराश
![]() |
| प्रधानमंत्री आवास योजना |
बागेश्वर (कपकोट): बागेश्वर जनपद के कपकोट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला गाँव पोथिंग में प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने योजना में भारी धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन परिवारों के पास पहले से ही पक्के मकान हैं और गाँव के पूर्व प्रधान एवं बीडीसी सदस्य का भी नाम लिस्ट में होने पर आपत्ति जताई जा रही है, उन्हें योजना का लाभ दे दिया गया, जबकि वास्तव में जरूरतमंद और भूमिहीन परिवार अभी भी कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आक्रोश: सूची में संशोधन करने की मांग
पोथिंग ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने इस चयन प्रक्रिया पर अपना खुला विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि पात्रों को दरकिनार कर प्रभावशाली लोगों को आवास स्वीकृत किए गए हैं। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वास्तविक गरीब परिवारों को अपात्र बताकर सूची से बाहर कर दिया गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, वर्तमान सूची में संशोधन करने की मांग की है।
सर्वे पर उठे सवाल: जर्जर हाल में रह रहे लोग वंचित
सर्वे प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था और अपने मकानों का जियो टैग भी कराया था, लेकिन फिर भी उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया। जिनका एकमात्र कच्चा मकान मानसूनी बारिश में क्षतिग्रस्त होने की कगार पर है उन्होंने भी प्रधानमंत्री आवास योजना का इंतजार था। जैसे ही लिस्ट जारी हुयी लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। इस मामले पर खंड विकास अधिकारी, कपकोट, द्वारा स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तैयार किए जाने वाले सभी प्रस्ताव संबंधित ग्राम पंचायत की खुली बैठक में सर्वसम्मति से पारित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी ग्रामीण को पात्रता सूची या चयन प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह ग्राम पंचायत की खुली बैठक में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है, ताकि उसका मौके पर ही निस्तारण किया जा सके।

