उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार मिलने पर गौचर के कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों में खुशी Hema Negi Karasi ustaad bismila khan award
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| उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार मिलते हुए |
उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध लोकगायिका हेमा नेगी करासी को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ युवा पुरस्कार-2024 से सम्मानित किए जाने पर प्रदेश में हर्ष का माहौल है. 19 अक्टूबर को नई दिल्ली में भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। उनकी इस उपलब्धि को उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक लोकविधाओं की राष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है। हेमा नेगी करासी ने अपनी गायकी के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक मांगलिक गीतों, लोकधुनों और लोकजागर को व्यापक पहचान दिलाई है। उनकी प्रस्तुतियों में पहाड़ की लोकआस्था, रीति-रिवाज, परंपराओं और जनजीवन की झलक मिलती है। लोकसंगीत के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में उनके योगदान को इस सम्मान से नई प्रतिष्ठा मिली है।
सम्मान मिलने पर गौचर की सांस्कृतिक संस्था हिमंतग से जुड़े कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक लोकगायिका का सम्मान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और लोकपरंपराओं का गौरव है। इससे प्रदेश के अन्य लोककलाकारों को भी अपनी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्द्धन की प्रेरणा मिलेगी।
गौचर व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, प्रेस क्लब गौचर के अध्यक्ष कुशल सिंह असवाल, प्रदीप चौहान, ईश्वर राणा और प्रदीप लखेड़ा सहित अन्य लोगों ने हेमा नेगी करासी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पहाड़ की लोकभाषा, लोकसंगीत और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


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