CM धामी ने नवाचारकर्ताओं, किसानों और उद्यमियों से किया संवाद; 1700 से अधिक पहुंचे राज्य के स्टार्टअप्स
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| सीएम धामी एवं अन्य |
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर के प्रमुख उद्यमियों, नवाचारकर्ताओं, प्रगतिशील किसानों और स्वरोजगार से जुड़े युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। नियोजन विभाग और 'देवभूमि डायलॉग' के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों के अनुभवों, उपलब्धियों और सुझावों को सुना एवं उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में उत्तराखण्ड की अग्रणी भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखण्ड निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार पर्यटन, ऊर्जा, कृषि और उद्योग जैसे हर क्षेत्र में समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 700 से बढ़कर 1700 से अधिक हो चुकी है, जो राज्य में मजबूत हो रहे स्वरोजगार परिवेश का प्रमाण है। संवाद के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए एवं वर्चुअली जुड़े प्रतिभागियों ने अपनी सफलता की गाथाएं और अनुभव साझा किए:
तकनीक व नवाचार (चम्पावत): चम्पावत के श्री राहुल नरियाल ने खुद द्वारा तैयार की गई सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार के बारे में बताया।
रिवर्स पलायन व हर्बल खेती (चमोली): चमोली के श्री राजेश ने गांव लौटकर रोजमेरी और हर्बल उत्पादों के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार दिया है। वहीं, डॉ. हरपाल नेगी के प्रोत्साहन से घेस क्षेत्र में 300 से अधिक लोग 'कुटकी' (औषधीय पौधा) की खेती से जुड़कर सालाना ₹1.5 से ₹2 करोड़ की आय अर्जित कर रहे हैं।
डेयरी व गुच्छी मशरूम: उत्तरकाशी के श्री जयप्रकाश ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर 1 गाय से शुरू किए व्यवसाय को 5 बद्री और 8 देशी गायों के डेयरी फार्म में बदला। पौड़ी के श्री नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन से रोजगार के नए अवसर बनाए।
महिलाओं की मिसाल: नैनीताल की श्रीमती कमला देवी वाहनों के टायर मरम्मत (पंचर/टायर वर्क) से बेहतर आजीविका कमा रही हैं। इसके अलावा श्रीमती गीता पंत व श्रीमती सुमन पांथरी (पिरूल उत्पाद), और श्रीमती कल्पना बिष्ट (मोटे अनाज/मिलेट्स बेकरी) ने भी अपने अनुभव साझा किए।
'मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना' के तहत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर टिहरी की सुश्री सपना राणा को जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में रोजगार मिला। सिंगापुर से वर्चुअली जुड़े टनकपुर मूल के श्री शैलेश (सीवरेज जल शोधन विशेषज्ञ) ने चम्पावत के एक गांव को गोद लेकर उसके समग्र विकास में सहयोग की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं में क्षमता की कोई कमी नहीं है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और तकनीक के समन्वय से आजीविका के नए द्वार खोले जा रहे हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वाले के स्थान पर 'नौकरी देने वाला' बनाना है।
इस अवसर पर 'देवभूमि डायलॉग' के संपादक श्री रमेश भट्ट ने युवाओं की उपलब्धियों पर आधारित एक वीडियो प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर अवधूत गिरि महाराज, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु व डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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