कुमाऊं द्वार महोत्सव सीजन 4 का भव्य आगाज: कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा और मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने किया शुभारंभ, लोक कलाकारों ने बांधा समां
 |
| हल्द्वानी कुमाऊँ द्वार महोत्सव में कलाकार |
हल्द्वानी। उत्तराखंड की संस्कृति, लोक कला और परंपराओं के महाकुंभ कहे जाने वाले चिर प्रतीक्षित 'कुमाऊं द्वार महोत्सव सीजन 4' का आज (23 अक्टूबर) भव्य उद्घाटन संपन्न हो गया है। उद्घाटन समारोह में देवभूमि की लोक संस्कृति का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित दर्शकों और श्रोताओं का मन मोह लिया।
भव्य दीप प्रज्वलन और अतिथियों के विचार
महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा और हल्द्वानी नगर निगम के मेयर श्री गजराज सिंह बिष्ट ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने इस प्रकार के आयोजनों को अपनी मूल संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बेहद आवश्यक बताया। कार्यक्रम के आयोजकों—वैदेही कल्चरल एजुकेशन एंड आर्ट फाउंडेशन के गोविंद दिगारी और खुशी जोशी दिगारी ने महोत्सव की उपयोगिता और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय और उभरते कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। उन्होंने दर्शकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का निरंतर सहयोग ही आयोजकों का सबसे बड़ा उत्साहवर्धन है। आज के मुख्य प्रायोजक 'स्वर्णिका ज्वेलर्स' रहे, जिनकी और अन्य सहयोगियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
 |
| मंत्री ने किया शुभारंभ |
उद्घाटन के पहले दिन एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियां दी गईं:
वंदना प्रस्तुति: 'नई दिशाएं' संस्था द्वारा दल नायक किशन लाल के नेतृत्व में गणेश वंदना और सांस्कृतिक स्वागत प्रस्तुत किया गया। सुरीली शुरुआत: संगीता सोनल ने अपनी सुरीली आवाज में 'ओ भाना तेरी छुड़क्याली दाथुली का बाजी' गीत गाकर समां बांध दिया। विशेष प्रस्तुतियां: प्रख्यात गायक अमित बाबू गोस्वामी, किरन चोपड़ा और 'खिड़की मां भैरोली' फेम सोरघाटी के लोकप्रिय गायक कैलाश कुमार की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। पद्मश्री प्रीतम भरतवाण का जादू: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुति रही। कई विदेशी विश्वविद्यालयों में विजिटिंग फैकल्टी के रूप में कार्य कर चुके श्री भरतवाण ने उत्तराखंड की आत्मा कहे जाने वाले लोक गायन (जागर) का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी सुप्रसिद्ध रचनाओं—
'सरुली मेरो जिया लगी रे',
'तेरी रौंत्याली मुखुड़ी मां',
'बिंदुली' और कई प्रसिद्ध जागरों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
कल (24 अक्टूबर) के मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम
महोत्सव के दूसरे दिन यानी 24 अक्टूबर को दिन के 3:00 बजे से कई रोमांचक प्रतियोगिताएं और प्रस्तुतियां होंगी। लोक गायन प्रतियोगिता और पारंपरिक उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिता। सोर घाटी की प्रसिद्ध और अनूठी लोक प्रस्तुति 'हलजात्रा' कल के सांस्कृतिक आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। कार्यक्रम में प्रख्यात गायक पवनदीप राजन के पिता श्री सुरेश राजन, न्योली गायिका आशा नेगी, अनिल रावत, बेबी प्रियंका, विक्की आर्या, 'रामदाई का होटल' फेम गायक सत्येंद्र गंगोला, भगवती दनपुरिया तथा बाल कलाकार रितु लोहिया व नैतिक कुमार ('एजा वे मेरी चनुली' फेम) अपनी प्रस्तुतियां देंगे। साथ ही जानकी रावत की शानदार डांस परफॉर्मेंस होगी। कल के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विधायक कपकोट श्री सुरेश गढ़िया जी होंगे। महोत्सव के समापन की ओर बढ़ते हुए आगामी 25 अक्टूबर को कार्यक्रम में विशेष मेहमानों का जमावड़ा रहेगा। इस दिन मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी शिरकत करेंगे, जबकि प्रसिद्ध पार्श्व गायिका मैथिली ठाकुर मुख्य आकर्षण के रूप में उपस्थित रहेंगी।
Thank You