उत्तराखंड में होली Holi की धूम शुरू, कुमाऊनी होली जल कैसे भरूँ जमुना गहरी (Holi festival 2026)
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| Holi festival |
उत्तराखंड में होली बड़ी धूम धाम के साथ मनाई जाती है यहां कुमाऊनी होली बहुत चर्चित होली मानी जाती है। कुमाऊँ होली तीन भाग में गायी जाती है खड़ी होली, बैठक होली और महिला होली। होली का महत्त्व सांस्कृतिक और धार्मिक तौर पर माना जाता है। इस वर्ष यानी कि 2026 की होली 4 मार्च को सम्पन्न होगी। यह फाल्गुन माह में चीर-बंधन के साथ शुरू होती है और बसंत पंचमी से लेकर होली के दिन तक गूंजती है। बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में इसमें होल्यार पारंपरिक पोशाक पहनकर ढोल-नगाड़ों के साथ राधा-कृष्ण के भक्ति गीत गाते हैं। बैठकी होली शास्त्रीय संगीत और धार्मिक रागों के साथ गाई जाती है। जो अक्सर पौष मास से शुरू हो जाती है।
जोगी आयो शहर में व्यापारी
जोगी आयो शहर में व्यापारी
आहा इस व्यापारी को भूख बहुत है
पुरिया पकौड़े नाथ वाली,
जोगी आयो शहर में व्यापारी
आहा इस व्यापारी को प्यास बहुत है
पनिया पिला दे नाथ वाली,
जोगी आयो शहर में व्यापारी।
अहा इस व्योपारी को नींद बहुत है,
पलंग बिछाए नाथ वाली,
जोगी आयो शहर में व्यापारी।।
शिव के मन माहि बसे काशी
शिव के मन माहि बसे काशी
आधी काशी में बामन बनिया
आधी काशी में सन्यासी
काही करन को बामन बनिया
काही कारण को सन्यासी
शिव के मन माहि बसे काशी..
शिव के मन माहि बसे काशी..
पूजा कारण को बामन बनिया
सेवा करण को सन्यासी
कहीं को पूजे बामन बनिया
कहीं को पूजे सन्यासी
देवी को पूजे बामन बनिया
शिव को पूजे सन्यासी
शिव के मन माहि बसे काशी...
शिव के मन माहि बसे काशी...
क्या इच्छा पूरे बामन बनिया
क्या इच्छा पूरे सन्यासी
नव सिद्ध पूजा बामन बनिया
अष्ट सिद्धि पूजा सन्यासी
शिव के मन माहि बसे काशी..
शिव के मन माहि बसे काशी...
जल कैसे भरूं जमुना गहरी
जल कैसे भरूं जमुना गहरी
ठंडी भरूं राजा राम भी देखें
बैठी भरूं विजय चुनरी
जल कैसे भरूं जमुना गहरी...
जल कैसे भरें
धीरे चलूं घर सासु है
धमकी चलो छलके गगरी
जल कैसे भरूं जमुना गहरी..
गोदी में बालक सर पर गागर
पर्वत से उतरी गोरी
जल कैसे भरूं..
जल कैसे भरूं जमुना गहरी

