कुमाऊं की वादियों में रचा गया अंतरराष्ट्रीय प्रेम विवाह: दुबई की मुलाक़ात से हल्द्वानी के मंडप तक
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| प्रेम विवाह |
हल्द्वानी, उत्तराखंड — सरहदें, भाषाएं और संस्कृतियां कभी भी सच्चे प्यार के आड़े नहीं आतीं, इस बात को सच साबित कर दिखाया है हल्द्वानी के युवा नवीन परिहार और थाईलैंड की एक युवती ने। दशहरा पर्व के पावन अवसर पर नैनीताल जिले के हल्द्वानी में दोनों परिणय सूत्र में बंध गए। यह अनोखा विवाह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। युवक नवीन परिहार रोजगार के सिलसिले में दुबई में थे, जहां उनकी मुलाकात थाईलैंड की रहने वाली युवती से हुई। शुरुआत में हुई सामान्य बातचीत धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदली और फिर यह रिश्ता प्यार में तब्दील हो गया। दोनों ने अपने जीवन को एक साथ बिताने का फैसला किया और अपने इस फैसले को मुकाम तक पहुँचाने के लिए भारत आने का निर्णय लिया।
इस अनोखी शादी की सबसे खास बात यह रही कि थाईलैंड की रहने वाली दुल्हन ने भारतीय संस्कृति, विशेषकर उत्तराखंड की पारंपरिक कुमाऊंनी रीति-रिवाजों को बेहद आत्मीयता के साथ अपनाया। विवाह समारोह में कुमाऊंनी संस्कृति की छाप साफ देखने को मिली। शादी की सभी रस्में पारंपरिक वाद्ययंत्रों (हुड़का और दमाऊ) की थाप और देवभूमि के लोकगीतों के बीच संपन्न हुईं। विदेशी मेहमान और दुल्हन पक्ष के लोग भी कुमाऊँ की मेहमाननवाजी और परंपराओं से खासे प्रभावित नजर आए।
यह शादी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि दिलों में अपनेपन की भावना हो, तो भाषा और संस्कृति की दूरियां स्वतः मिट जाती हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस अनूठी प्रेम कहानी की खूब चर्चा हो रही है और लोग इस नए जोड़े को सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं।


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