कपकोट के लीती गांव की बेटी यमुना कोरंगा को लखनऊ में मिला 'नेशनल वैकल्पिक चिकित्सक सम्मान', क्षेत्र में खुशी की लहर Yamuna Koranga Kapkot
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| यमुना कोरंगा को सम्मानित करते हुए |
ब्यूरो रिपोर्ट (उत्तराखंड): लखनऊ में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट की बेटी यमुना कोरंगा को प्रतिष्ठित 'नेशनल वैकल्पिक चिकित्सक अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें ऋषिकुल योगपीठ द्वारा योग और प्राणायाम के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए प्रदान किया गया है। यमुना कोरंगा की इस उपलब्धि से उनके पैतृक क्षेत्र कपकोट और पूरे उत्तराखंड में हर्ष का माहौल है। इससे पहले भी उन्हें वर्ष 2025 में 'योग रत्न सम्मान' से नवाजा जा चुका है।
खेल जगत से लेकर चिकित्सा और योग तक का सफर
मूल रूप से कपकोट के ग्राम सभा लीती की रहने वाली यमुना कोरंगा अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जानी जाती हैं। अपनी शुरुआती शिक्षा स्पोर्ट्स कॉलेज अगस्तमुनि से पूरी करने वाली यमुना एक राष्ट्रीय स्तर की धावक (नेशनल रनर) भी रह चुकी हैं। खेल के मैदान से निकलकर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने योग और वैकल्पिक थेरेपी (Alternative Therapy) में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। वर्तमान में वह नोएडा में रहकर योग और थेरेपी की नियमित कक्षाएं संचालित कर रही हैं और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रही हैं।यमुना की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर कपकोट क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उन्हें फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से बधाइयां दी हैं। बधाई देने वालों में मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा, ग्राम प्रधान मीना देवी, और सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र कोरंगा सहित कई अन्य गणमान्य लोग शामिल हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यमुना कोरंगा ने अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।

